Noida International Airport Inauguration: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दोपहर करीब 12.00 बजे जेवर में स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। 11,200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ एयरपोर्ट का पहला चरण हर साल लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने के लिए सक्षम होगा। ये उत्तर प्रदेश का 5वां इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा। ये एयरपोर्ट सिर्फ नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लिए ही नहीं बल्कि दिल्ली, गाजियाबाद और फरीदाबाद के साथ-साथ अलीगढ़, मथुरा और आगरा के लिए भी काफी महत्वपूर्ण होगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दिल्ली-एनसीआर के लिए दूसरे इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया गया है। इससे पहले, दिल्ली का इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पूरे क्षेत्र का इकलौता एयरपोर्ट था।
यात्रियों को लेकर कब उड़ेगी पहली फ्लाइट
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू के अनुसार, आमतौर पर एयरोड्रोम लाइसेंस जारी होने और फ्लाइट सर्विस के शुरू होने के बीच 45 दिन से लेकर 60 दिनों तक का अंतर होता है। नोएडा एयरपोर्ट को इसी महीने 6 तारीख को एयरोड्रोम लाइसेंस मिला था। इससे ये संकेत मिलता है कि आज उद्घाटन होने के बाद अप्रैल के आखिर में या मई की शुरुआत में यहां से कमर्शियल सेवाएं शुरू हो जाएंगी। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो, इस एयरपोर्ट से पहली फ्लाइट ऑपरेट करेगी। इंडिगो के अलावा, अकासा एयर और एयर इंडिया भी नोएडा एयरपोर्ट से सर्विस ऑपरेट करेंगी।
किन शहरों के लिए शुरू होंगी सेवाएं
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सबसे पहले मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरू, हैदराबाद जैसे बड़े शहरों के लिए सेवाएं शुरू होने की उम्मीद है। जिसके बाद लखनऊ, अहमदाबाद, पुणे, गोवा, जयपुर जैसे शहरों के लिए भी सेवाएं शुरू हो जाएंगी।
कब शुरू होगी बुकिंग
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली कमर्शियल फ्लाइट शुरू होने से लगभग 4-6 हफ्ते पहले बुकिंग शुरू होने की उम्मीद है।
नोएडा एयरपोर्ट की खासियत
नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा भारत की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजनाओं में से एक है। इस एयरपोर्ट पर 3,900 मीटर लंबा रनवे है जो बड़े आकार के विमानों के संचालन में सक्षम है। इसके साथ ही इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) और उन्नत एयरफील्ड लाइटिंग सहित आधुनिक नेविगेशन सिस्टम हैं, जो हर मौसम में दिन-रात संचालन में कुशल है। इस हवाई अड्डे में एक शक्तिशाली कार्गो प्रणाली भी शामिल है, जिसमें एक मल्टी-मोडल कार्गो हब, इंटीग्रेटेड कार्गो टर्मिनल और लॉजिस्टिक्स जोन शामिल हैं। कार्गो सुविधा को सालाना 2.5 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा माल ढुलाई के लिए तैयार किया गया है, जिसे लगभग 18 लाख मीट्रिक टन तक बढ़ाया जा सकता है।